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लाडनूं समाचार
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लाडनूं समाचार , January 20 2013
Ladnun Fort
औरत की इज्जत करना सीखो भिड़ु-जैकी श्राफ : कन्या भ्रूण हत्या व बालिका शिक्षा पर विशाल सम्मेलन का आयोजन : हजारों लोगों ने की शिरकत, सभी धर्मों व क्षेत्रों के लोगों ने किया बेटी बचाओ का आह्वान
यह दहेज का लफड़ा जिस दिन बंद हो जायेगा, उस दिन कन्या भ्रूण हत्या भी बंद हो जायेगी। बेटी की शादी करोगे तो पैसा देना पड़ेगा, क्या बकवास है यार। इस चक्कर में अगर कन्याओं को खत्म करते रहोगे तो क्या पुरूष बच्चे पैदा करेगा। अगर पुरूष को अपनी कोख से बच्चा पैदा करना पड़े तो उसे मालूम पड़े कि औरत कितना सहन करती है और उसका क्या महत्व होता है। माताओं का सम्मान करना सीखो। कन्याओं को कोख में ही मार डालोगे तो फिर कैसे चलेगा, क्या खोपड़ी है तुम लोगों की यार? सुधर जावो, संभल जावो भिड़ु। आप भगवान नहीं बन सकते, लेकिन इंसान तो बनना सीखो। ये इंसान बनना भी मुश्किल है भिड़ू। ये शब्द ठेठ मुम्बईया अंदाज में फिल्म अभिनेता जैकी श्राफ ने यहां दशहरा मेला मैदान में किसान महापंचायत राजस्थान के तत्वावधान में आयोजित कन्या भ्रूण हत्या एवं बालिका शिक्षा विषयक विशाल सम्मेलन को सम्बोधित करते हुए कहे। उन्होंने भिड़ु, लफड़ा, खोपड़ी, भेजा, थोबड़ा आदि विभिन्न शब्दों का इस्तेमाल फिल्मी डायलोग की तरह किया कि लोग झूम उठे। उन्होंने अपना सम्बोधन शुरू करने से पहले सभी से दो बार भारत माता की जय बुलवाई और भीड़ ने जोर-शोर से जय बोली तो तत्काल बाद उन्होंने कहा कि तुम माता की जय बोलते हो, तो फिर बेटी को क्यों मारते हो? उन्होंने अपने बारे में बताते हुए कहा कि आप केवल मेरा थोबड़ा देखते हो, पर मेरी बेटी है, मां है, बहन है, पत्नी है, ये सब मेरी शक्ति है यही मेरा पावर है। आप भी औरत की इज्जत करना सीखो। उन्होंने भावुक होकर अपने बारे में बताया और अपने जन्म से लेकर मां के पालन-पोषण के बारे में बताया तथा कहा कि मेँ कोई शेर का बच्चा नहीं हूं ओर न ही मेरा जन्म किसी एक्टर के रूप में हुआ। मां के बारे में बताते हुए उन्होंने एक गाने का मुखड़ा भी सुनाया, ऐ! माँ तेरी सूरत से अलग भगवान की सूरत क्या होगी। उन्होंने सबके लिये थैंक्स दादा बोलते हुए अपना सम्बोधन पूरा किया।
        छोरा रंडुआ ही रै जावेगा विधायक व पूर्व मंत्री श्रीमती गोलमा देवी ने कन्या भ्रूण हत्या को समाप्त करना जरूरी बताते हुए राजस्थानी भाषा में सम्बोधित करते हुए कहा कि  बेटी को मारोगे तो बहू कहां से लावोगे। सै छोरा रंडुआ ही रै जावेगा। उन्होंने कहा कि हमारे में तो ये भ्रूण हत्या नहीं होती लेकिन ये बड़ी अमीर जातियों में होती है, जिसे रोका जाना जरूरी है। बाड़मेर जिले के चौहटन की प्रधान श्रीमती शमा बानो ने कन्या भ्रूण हत्या के लिये आयोजित इस सम्मेलन में विशाल भीड़ को देखकर कहा कि लोगों में एक जज्बा है। उम्मीद की एक किरण नजर आने लगी है। अब वक्त का बदलाव नजर आने लगा है। उन्होंने कहा कि बेटियां किसी भी लहजे से बेटे से कम नहीं होती। बेटियां आज अपने माता-पिता का नाम रोशन कर रही है, अपने परिवारों का भरण-पोषण भी कर रही है। उन्होंने महिलाओं के महत्व को उजागर करते हुए मीरां बाई, देवी अहिल्या, झांसी की रानी लक्ष्मी बाई, इंदिरा गांधी, कल्पना चावला आदि विभिन्न महिलाओं के नाम गिनाये और कहा कि बेटियों को केवल अवसर मिलना चाहिये।
        लाडनूं को नई दिशा और दशा मिलेगी सम्मेलन के मुख्य वक्ता डा. आनन्द प्रकाश त्रिपाठी ने कन्या भ्रूण हत्या को एक विकट समस्या बताते हुए कहा कि जब तक नर और नारी का असंतुलन रहेगा, इस धरती पर संघर्ष की स्थिति रहेगी, धरती पर विस्फोटक हालात रहेंगे। उन्होंने नारी को सहिष्णुता, शांति, सह्रदयता, धैर्य, विशाल ह्रदयता आदि को नारी के गुण बताया तथा नारी के अस्तित्व को विश्व के लिये आवश्यक बताया। उन्होंने कार्यक्रम की विशालता को लक्षित करते हुए कहा कि यह सम्मेलन लाडनूं को नई व असली दिशा व दशा देगा। यह एक शुरूआत है, इसे हम सब मिलकर ही अंजाम तक पहुंचा सकते हैं। शहर काजी सैयद मो. अयूब अशरफी ने औरत के दर्जे को अहम बताते हुए कहा कि जब अल्लाह ने आदम को जमीन से पैदा किया तो औरत को जन्नत से पैदा किया। उन्होंने मां के कदमों तले जन्नत बताई तथा कहा कि बेटियों को नहीं बचाया तो सब कुंआरे रह जावोगे। शासन गौरव मुनि धनन्जय कुमार ने आचार्य तुलसी के महिला जागृति व उत्थान के लिये किये गये अनुदानों का उल्लेख करते हुए कहा कि वे लाडनूं के ही जाये-जन्मे थे और यह लाडनूं के लिये गौरव की बात है। पाबोलाव धाम के पीठाधीश्वर कमलेश भारती ने भी कन्या भ्रूण हत्या का विरोध करते हुए बालिकाओं को पढाने पर जोर दिया।
        जैकी श्राफ के बाद गोलमा से भी मांगे आटोग्राफ सम्मेलन के दौरान ही युवक-युवतियां व बच्चों में फिल्म अभिनेता जैकी श्राफ के आटोग्राफ लेने के लिये होड़ सी मच गई। लोग सुरक्षा व्यवस्था को धजा बताते हुए मंच के उपर चढ आये तथा आटोग्राफ लेने के प्रयास करते रहे। वहीं जैकी श्राफ के जाने के बाद काफी युवक युवतियों ने पूर्व मंत्री गोलमा देवी से भी आटोग्राफ मांगे तो वह मतलब नहीं समझा बाद में उसे हस्ताक्षर करने के लिये कहा गया तो उसने उन्हें अपने हस्ताक्षर कर-कर के दिये।
गोलमा को बताया अपना नाम
पूर्व मंत्री गोलमा देवी जब बोलने के लिये खड़ी हुई तो वह जैकी श्राफ का नाम नहीं बता पाई। उसने कहा कि नाम तो मैं नहीं बोल पा रही लेकिन ये कोई फिल्मी आया है। इस पर बाद में जैकी श्राफ ने अपना सम्बोधन पूरा करने के बाद झुक कर पास बैठी गोलमा देवी से कहा कि माजी मेरा नाम जैकी श्राफ है। इस पर लोग हंस पड़े।
        जैकी के पीछे ही उमड़ पड़ी भीड़
कार्यक्रम से जैसे ही जैकी श्राफ मंच से नीचे उतरे, तो भीड़ ने उन्हें घेर लिया और वे कार तक जाने को थे, लेकिन भीड़ थी कि उन्हें अपने घेरे से मुक्त ही नहीं कर रही थी, बड़ी मुश्किल से वे अपनी कार तक पहुंचे तथा रवाना हुए मगर उनका निकलना बड़ी दिक्कतों के बाद संभव हो पाया। कन्या भ्रूण हत्या व बालिका शिक्षा के लिये आयोजित इस सम्मेलन में करीब पांच हजार लोगों ने शिरकत की, जो अपने आप में अभूतपूर्व रहा। दशहरा मेला मैदान में निर्धारित की गई जगह खचाखच भर जाने के अलावा दूर-दूर तक लोग खड़े थे। किसान महापंचायत के प्रदेशाध्यक्ष चुन्नाराम चौधरी ने सबके प्रति आभार ज्ञापित किया तथा कहा कि सम्मेलन की सार्थकता तभी होगी कि जब सभी लोग कन्या भ्रूण हत्या का मिलकर विरोध करेंगे और अपने प्रयासों को जारी रखेंगे। मंच पर सांगलिया पीठ के बाबा प्रेमदास, मालदास, किसान महापंचायत के महामंत्री भंवरलाल जाखड़, संयोजक अजीतराज कर्णावट, नगर पालिका के कार्यवाहक अध्यक्ष याकूब शेख आदि मौजूद थे। कार्यक्रम का संचालन गणपत व्यास जोधपुर व वीरेन्द्र भाटी मंगल ने किया।
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