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लाडनूं समाचार
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लाडनूं समाचार , January 22 2013
Ladnun Fort
अज्ञात बीमारी से गायों की मौतें : कसूम्बी में कई गायें मरी, वैक्सीनेशन के आदेश
तहसील के ग्राम कसूम्बी में किसी अज्ञात बीमारी के फैलने से गायों की मौत होने से ग्रामवासी चिन्तित हैं तथा पशुपालन मंत्री के क्षेत्र में भी पशुधन का समय पर टीकाकरण नहीं होने से व नि:शुल्क इलाज का दावा करने के बावजूद इलाज उपलब्ध नहीं होने से रोष भी व्याप्त है। इस बीमारी को कोई एन्थ्रेक्स बता रहा है तो कोई इसे मुंहपका-खुरपका और कोई वायरल या न्यूमोनिया भी बता रहे हैं, परन्तु वास्तविकता अभी तक पता नहीं लग पाइ्र है। कसूम्बी गांव में सोहनदास स्वामी वार्ड पंच की एक गाय और गोमाराम ब्राह्मण का एक बछड़ा के मरने तथा खेतों में दो अज्ञात गायों के शव पड़े होने व कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय के पास भी मृत गायों के शव पड़े होने के बारे में जानकारी मिली है। लोगों का अनुमान है कि इस अज्ञात बीमारी से पांच से छह गायों की मौत अब तक हो चुकी है। मुकेश स्वामी पुत्र सोहनदास ने बताया कि उनकी गाय रात को पूरी तरह स्वस्थ थी और सुबह वह उठी नहीं तथा जमीन पर अपने पैर पटकने लगी। उसके मुंह से लार टपक रही थी तथा शरीर में कंपकंपी हो रही थी। उसने बताया कि उन्होंने कसूम्बी के पशु चिकित्सालय में सम्पर्क किया तो पशु चिकित्सक डा. शशिकांत शर्मा अवकाश पर थे। बाद में लाडनूं गये तो वहां के पशु चिकित्सालय में भी चिकित्सक उपलब्ध नहीं थे, तब उन्होंने कुचामनसिटी के सहायक निदेशक पशुपालन विभाग से सम्पर्क किया तो उन्होंने बताया कि वे वेक्सीनेशन की व्यवस्था करवा रहे हैं। तब तक उनकी गाय ने दम तोड़ दिया। लाडनूं के पशु चिकित्सालय में टीकाकरण की कोई दवा उपलब्ध नहीं बताई गई, अस्पताल में बताया गया कि टीकों की सारी दवा यहां के गौशाला में भिजवादी गई है।
इनका कहना है
कसूम्बी गांव में एक गाय के मरने की जानकारी मिली है। एंथ्रेक्स इस क्षेत्र में बिल्कुल नहीं है। एक बछड़े के मरने के बारे में जानकारी मिली है कि वह संभवत: न्यूमोनिया के कारण मरा है। इस सीजन है वायरल के कारण ऐसा हो रहा है। मुंहपका-खुरपका बीमारी की रोकथाम के लिये एस. एम. डी. वैक्सीनशन करने के आदेश दे दिये गये हैं। एक दो दिनों में टीके लगाने शुरू कर दिये जायेंगे। इसके लिये रोड़ू व लाडनूं के के पशु चिकित्सालयों को निर्देश दे दिये गये हैं। टीकाकरण की दवा उपलब्ध नहीं होने पर यहां से भिजवाई जा रही है।
- डा. परसराम, असिस्टेंट डायरेक्टर, पशुपालन विभाग, कुचामनसिटी।
       
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